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Hunnnnnnnn sooooooooooo good. Thanks
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"हाये रे, मेरे भोलुराम। इतना भी नही समझता, क्या ? इसको कहते है, नखरा। औरतें, दो तरह का छिनालपना दिखा शकती है। या तो सीधा तेरा लंड पकड के कहती कि, चोद मुझे, या फिर धीरे-धीरे तुझे तडपा-तडपा के एक-एक चीज दिखाती, और तब तडपा-तडपा के चुदवाती। मुझे सीधे ही चुदाई में मजा नही आता। मैं तो खूब खेल-खेल के चुदवाना चाहती थी। चक्की जितनी धीरे चलती है, उतना ही महीन पिसती है, साले। इसलिये मैने थोडा सा छिनालपन दिखाया था, समझा। अब बातें चोदना बंध कर और लगा जोर-जोर से धक्का, और चोद मेरी बुर को माआआदरचोओओओओओओओद, तेरी मां की चूऊऊत्त्त में डण्डा दालु,,,, बहनचोद माआअर, जोर से और बकचोदी बंध कर। "
"ठीक है, मेरी छिनाल मां। अब तो मैं भी पुरा सिख गया हुं। देख अब मैं कैसे चोदता हुं, तेरी इस मस्तानी चुत को, और कितना मजा देता हुं तुझे। देख साआल्लीईई बुरचोदी,,, फिर ना बोलना कि, बेटे ने ठीक से चोदा नही, रण्डीईई,,,,, जितना तुने मुझे सिखाया है, मैं उस से भी कहीं ज्यादा मजा दुन्गा तुझे,,,,,,, ,,साली मादरचोद,,,,,,, " मैं अब पुरे जोश के साथ धक्का मारने लगा था, और मेरा पुरा लंड सुपाडे तक निकल कर बाहर आ जाता था, फिर सीधा सरसराते हुए गचक से अंदर, मां की चुत की गहराईयों में समा जाता था। लंड की चमडी तो, अब शायद पुरी तरह से उलट चुकी थी, और चुदाई में अब कोई दिक्कत नही आ रही थी। मां की चुत एकदम से गरम भठ्ठी की तरह तप रही थी, और मेरे लंड को सटा-सट लील रही थी। मुझे ऐसा लग रहा था, जैसे मैं जन्नत की सैर कर रहा हुं। मेरी गांड पर मां का हाथ था, और वो उपर से दबाते हुए, मुझे अपनी चुत पर दबा रही थी और साथ में नीचे गांड उछाल कर, मेरे लौडे को अपनी चुत में ले रही थी। बुर के होंठो को मसलते हुए, मेरा लंड सीधा बुर की जड से टकराता था, और फिर उतनी ही तेज गती से बाहर आ कर फिर घुस जाता था। कमरे का माहोल फिर से गरम हो गया था, और वातावरण में चुदाई की महक फैल गई थी। पुरे कमरे में गच-गच, फच-फच की आवाजें गुंज रही थी। हम दोनो की सांसे धोकनी की तरह चल रही थी। दोनो के बदन से निकलता पसीन एक दुसरे को भिगा रहा था, मगर इसकी फिकर किसे थी। |
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मां ने अपनी तेज चलती सांसो के बीच से बडबडाते हुए, मेरा उत्साह बढाया,
"ओह,,, ओओओओओहाआआ,,,,सिसिसिसिसीईईइ,,,, चोओओओदोओओओओ,,, और जोर से पेलो,,,,, अपना डण्डा,,, घुमा-घुमा के डालो राज्ज्जाआ, सिसीसिसीसिसिस्स्सीईईई,,,, अब तो बस अपने रस से बुझा दे, मेरी चुत की प्यास को। चोद दे मुझे,,,,, मादरचोद, साआल्ले मेरे सैंया, ऐसे ही धक्का मारे जा, ऐसे ही चोद कर मुझे ठण्डा कर दे, तेरे डण्डे से ही ठण्डी होगी, तेरी मां, पंखे से ठण्डी होनी वाली नही हुं मैं, तेरी मां को तो तेरा मोटा, मुसलण्ड ही चाहिये, जो कि उसकी बुर को दो पंखा कर के, उसकी चुत के अंदर की ज्वाला को ठण्डा कर दे। मार साले बहनचोद, तेरी बहन की गांड में लंड डालु, जोर से मार ना, बेटीचोद, गांडु, हाये रे आज से तु ही मेरा भरथार है, तु ही मेरा सैंया और तु ही मेरा चोदु है रेएएएएए,,,,,,,,," "हाये, ले साआल्लीईई बुरचोदी और ले, और ले मेरे लंड को अपनी मस्तानी चुत में, ले ना छिनाल, खा जा मेरे लौडे को अपनी बुर से, पुरा लंड खा जा साली बेटाचोदी, मां। हाये रे मेरी चुदक्कड मैया, कहां से सीखा है, तुने इतना मजा देना,,,,, ओह,,,, मेरा तो जनम सफल हो गया रेएएएएएएए हाये सालीईईइ और ले मादरचोद्द्द्द्द,,,,,,,,,,,,,,,,,,,: "दे, और कस-कस के दे बेटा, इसी लंड के लिये तो मैं इतनी प्यासी थी। ऐसे ही लंड से चुदवाने की चाहत को पाले हुए थी, मैं मन में ना जाने कब से। आज मेरी तमन्ना पुरी हो गई। आने दे तेरे उस भडुए बाप को। अगर कभी हाथ भी लगाया, मेरे इस बदन को तो, साले की गांड पर चार लात मार कर घर से निकाल दुन्गी। साला मादरचोद, वो क्या जानेगा चोदना। अभी यहां होता तो दिखाती कि, चोदना किसको कहते है। तु लगा रह बेटा, चोद के मेरी चुत को मथ दे, और इसमे से अपने लिये मख्खन निकाल ले, मेरे चुदक्कड बालम।" अब तो बस आंधी आये या तूफान, कोई भी हमे नही रोक सकता था। हम दोनो अब अपने चरम पर पहुंच चुके थे, और चुदाई की रफतार में कोई कमी नही चाहते थे। चाहते थे तो बस इतना कि, कैसे भी एक-दुसरे के बदन में समा जाये, और मार-मार के चोद-चोद के एक-दुसरे के लंड और चुत का भर्ता बना दे। मां की सिसकारियां तेज हो गई थी, और अब दोनो में से कोई भी एक-दुसरे को छोडने वाला नही था। दोनो, जी जान से एक-दुसरे से चिपके हुए, धक्के पर धक्का लगाये जा रहे थे। मैं उपर से और मां नीचे से। |
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मां सिसकते हुए बोली,
"हाये राजा, ऐसे ही, मेरा निकलने वाला है, मारता रह धक्का, धीरे मत करियो, ऐसे ही मादरचोद,,,, अब निकल जायेगा मेरा, सिसिसिसिसिसिसिसीईईई ओओओओओओओओह् आआआअहा बेटीचोद,,,, मारे जा माआ,,,,, सिसिसिसिसीईईइ माआ,,,, दरचोओओओओओओओओओओओओओद्द्द्द, निकल जाआयेगाआआआआआअ, साअल्लेएएएएएएएएए, मेरा निकल रह हैएएएए मादरचोद,, ,,,,,,,, चोद कस के,,,, और जोर-जोर से माआआआअर, गाअंड्ड्ड्डूऊऊ, चोद्द्द्द्द्द्द्द्द्द डाआआआल मीटा दे खुज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्जलीईईई, चोद, चोद जोर-जोर सेएएएएएएएएएएएए, तेरी मां की बुर में गधे का लौडा डालूऊऊऊऊऊउ,,,, चोद ना साले और मारेएएएएएएजा, निकलाआआआआआअ रेएएएए मेरा तो निकलाआआआअ, झडीईईइ रेएएएएएएएए,,,, मैं तो झडीईईईईइ,,,,,,,,,,,,,,,", कह कर मांने मेरे कंधो पर अपने दांत गडा दिये। मेरा भी अब निकलने वाला था और मैं भी जोर-जोर से धक्का लगाते हुए चोदने लगा, और गालियां बकते हुए झडने लगा, "ओओओओह साआल्ल्ल्लीईइ मेरा भी निकल रहा है,, रेएएएएएएए, मादरचोओओओओद्द्द्द, निकल रह है,,, मेराआआआआआअ, ओह रण्डी, छिनाल साली, तुने तो आज जन्नत की सैर कराआआअदीईईई रेएए, ओह मांआआआआ, गया मैं तोओओ, ओह चुदैल साल्लीईईई,,,,,, तेरी बुर में मेरा पानी निकल रहा है रेएएएएएएएएएएएए लेएएएएएएएएए पीईई ले अपनी चुत से मेरे लौडे के पानी को पी ले और निगल जाआआआआआआ मेरे लौडे को पुरा का पुरा, बुरमरनी, चुतमरवानी,, बुरचोदीईईई !!!!!!,,,, हायेएए रेएए रण्डी निकल गया रे मेरा तो पुराआआआआआआ,,,,,", कह कर मैं मां के उपर लेट गया। हम दोनो की आंखे बंध थी और दोनो एक-दुसरे बदन से चिपके हुए थे। थकान के मारे दोनो में से किसी को होश नही था कि, क्या हो गया है। एक दुसरे से चिपके हुए कब आंख लगी, कब मेरा लंड उसकी चुत से बाहर निकल गया, कब हम दोनो सो गये इसका पता हमे नही लगा। सुबह जब सुरज की तेज रोशनी आंखो पर पडी तो,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,, कपडे धोने का काम, मम्मी के साथ (aka धोबन और उसका बेटा) -------पूर्ण------ |
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nice and hottest update yaara, keep it up.
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Superb story yaar!
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Bahut jyada maja aya yar. Thanks.
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very good story .... excellent narration .... ab ek aur nayee story shuru karo !!!!
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very nice and hot and sexy pls post remaining part of munna babu ke karname
pls post |
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nice story.... waiting for new oneee ++
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