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#1
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आंटी के साथ
हैलो, दोस्तो ये मेरी पहली कहानी है जो मैं आप को बताने जा रहा हूं। मेरा नाम Sanjay है। मैं जब स्कूल में था तो काफ़ी शर्मीला हुआ करता था लेकिन जब मैं कोलेज पहुंचा तो वहां पर जो दोस्त मिले उनके साथ मैन एक चालू औरत के साथ उसके घर पर उसके पियक्कड पति के सामने चुदाई की और तब से यह सिलसिला आज तक चल रहा है। वैसे तो मैने अपनी ज़िंदगी में कई लड़कियों, कई आंटियों और भाभियों को चोदा है लेकिन आज जो घटना मैं आप लोगों को बताने जा रहा हूं वो मेरी ज़िंदगी में बिल्कुल अचानक घटी थी जब मैने अपनी आंटी को ही चोद डाला।
Last edited by s_bajaj4u : 26th April 2012 at 10:49 PM. Reason: FONTSIZE IS VERY |
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#2
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पहले तो मैं आप लोगों को अपनी आंटी के बारे में बता दूं। वो ३० साल की, गोरा रंग, टाइट बोडी, बड़ी बड़ी चूचियां, ऐसा की जो भी देखे देखता ही रह जाये। वो दिल्ली में रहती है। उसके २ बच्चे हैं। एक १० और दूसरा ७ साल के । पिछले दिसम्बर में उनके घर गया था ओफ़िस के काम से, मैं मुम्बई में जोब करता हूं। और मेरा काम ऐसा है कि पूरा हिंदुस्तान घूमना पड़ता है।
दिल्ली में दिसम्बर के महीने में काफ़ी ठंड होती है। अंकल नाइट शिफ़्ट की ड्युटी करने गये था। घर छोटा होने के कारण हम एक ही रूम में सोये था। मैं बेड पर सोया था और आंटी बच्चों के साथ नीचे लेटी थी। ठंड काफ़ी थी इसलिये बेड पर सोते ही मुझे नींद आ गयी। रात के २ बजे पेशाब करने के लिये अचानक मेरी नींद खुली तो मैने देखा आंटी एक पतली सी चादर ओढ़ी हुई है और बुरी तरह से कांप रही थी और बच्चे एक कम्बल में सो रहे थे। शायद घर में दो ही कम्बल थे, एक उन्होने मुझे दिया था और दूसरा बच्चों को उढ़ाया था। मैं ने लाइट जलाई तो आंटी उठ कर बैठ गयी लेकिन वो बुरी तरह से कांप रही थी। मैं ने कहा आप ऊपर बेड में चली जायें मैं नीचे सो जाता हूं, तो उन्होने कहा ठंड बहुत है तुम्हें ठंड लग जायेगी। मैने कहा आप तो बुरी तरह से कांप रही है ठीक से बोल भी नहीं पा रही हैं आप ऊपर बेड पे सो जाओ। Last edited by s_bajaj4u : 26th April 2012 at 10:50 PM. |
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#3
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पहले तो मैं आप लोगों को अपनी आंटी के बारे में बता दूं। वो ३० साल की, गोरा रंग, टाइट बोडी, बड़ी बड़ी चूचियां, ऐसा की जो भी देखे देखता ही रह जाये। वो दिल्ली में रहती है। उसके २ बच्चे हैं। एक १० और दूसरा ७ साल के । पिछले दिसम्बर में उनके घर गया था ओफ़िस के काम से, मैं मुम्बई में जोब करता हूं। और मेरा काम ऐसा है कि पूरा हिंदुस्तान घूमना पड़ता है।
दिल्ली में दिसम्बर के महीने में काफ़ी ठंड होती है। अंकल नाइट शिफ़्ट की ड्युटी करने गये था। घर छोटा होने के कारण हम एक ही रूम में सोये था। मैं बेड पर सोया था और आंटी बच्चों के साथ नीचे लेटी थी। ठंड काफ़ी थी इसलिये बेड पर सोते ही मुझे नींद आ गयी। रात के २ बजे पेशाब करने के लिये अचानक मेरी नींद खुली तो मैने देखा आंटी एक पतली सी चादर ओढ़ी हुई है और बुरी तरह से कांप रही थी और बच्चे एक कम्बल में सो रहे थे। शायद घर में दो ही कम्बल थे, एक उन्होने मुझे दिया था और दूसरा बच्चों को उढ़ाया था। मैं ने लाइट जलाई तो आंटी उठ कर बैठ गयी लेकिन वो बुरी तरह से कांप रही थी। मैं ने कहा आप ऊपर बेड में चली जायें मैं नीचे सो जाता हूं, तो उन्होने कहा ठंड बहुत है तुम्हें ठंड लग जायेगी। मैने कहा आप तो बुरी तरह से कांप रही है ठीक से बोल भी नहीं पा रही हैं आप ऊपर बेड पे सो जाओ। |
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#4
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और इतना कह कर मैं ने उनका हाथ पकड़ कर ऊपर बेड पे बैठा कर पेशाब करने चला गया। वापस आ कर देखा तब भी वो कम्बल के अन्दर बुरी तरह से कांप रही थी। तभी उन्होने कांपते हुए कहा राजा लाइट बंद करके तुम भी बेड पर सो जाओ।
मैने लाइट बंद की और उनके पास आ कर सो गया। बेड छोटा होने के कारण हम एक दूसरे से बिल्कुल सटे हुए थे। तभी उनका हाथ मैने छुआ तो वो काफ़ी ठंडा था और वो अब भी कांप रही थी ठंड से। फिर आंटी ने मुझ से कहा sanju मुझे ज़ोर से पकड़ो मुझे बहुत ठंड लग रही है। मैं ने उनको कहा कि आप घूम कर सो जाओ और उनके सर को मैने अपने एक हाथ के नीचे रखा और दूसरा उनके पेट पर रखा।अब हम दोनो की पोजिशन कुछ इस तरह थी कि उनकी गांड मेरे लंड पे पूरी तरह से चिपकी हुई थी और मैं पूरी तरह से उसे दोनो हाथों से पकड़े हुआ था। मेरा लंड आंटी की गांड की दरार के बीच में घुस कर टाइट होने लगा था। मैं अपनी कमर को पीछे ले जाने लगा और अपनी पकड़ को भी ढीला करने लगा। लेकिन आंटी बहुत बुरी तरह से कांप रही थी और मेरे हाथ को अपने हाथ से ज़ोर से पकड़े हुई थी। मैं आंटी के साथ कुछ गलत सोच भी नहीं सकता था लेकिन मेरा लंड मेरी बस में नहीं था। मेरा लंड अब बेकाबू हो रहा था और वो पूरी तरह से आंटी की चूत में घुसने को तैयार था। तभी आंटी ने मेरे हाथ को अपनी कमीज़ के नीचे घुसा कर अपने पेट पर रख दिया उनका पेट बर्फ़ की तरह ठंडा हो रहा था। मेरा गर्म हाथ रखने से उनको काफ़ी अच्छा लग रहा था आंटी मेरे हाथ को पकड़ कर अपने पेट पेर और ज़ोर से रगड़ने लगी। मैं धीरे धीरे उसके पेट को सहलाने लगा। सहलाने के कारण कई बार मेरा हाथ उनकी चूचियों से टकराया लेकिन उन्होने कुछ नहीं कहा। मैने हिम्मत करके उसके एक दूध को पकड़ कर सहलाने लगा। उसकी दूध का निप्पल बिल्कुल टाइट हो कर बाहर निकल गया था। मैं उनके निप्पल को उंगलियों के बीच रख कर धीरे धीरे घुमाने लगा। अब उसके मुंह से सिसकियां निकलनी शुरू हो गयी थी। |
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#5
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उसकी बुर मेरे वीर्य से भर गयी। अब वो पूरी तरह से नोर्मल हो चुकी थी।
:SEX: ![]() फिर हम सो गये। सुबह वो मुझे जगाई तो मैं उनसे नज़र नहीं मिला पा रहा था। लेकिन वो मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी। बच्चे भी स्कूल जा चुके थे। तभी अचानक दरवाजे पर किसी ने खटखटाया। मैं समझा अंकल आ गये। दरवाज़ा खुला तो एक खूबसूरत लड़की, बिल्कुल टाइट जीन्स और टी-शर्ट में अन्दर आयी और आंटी से कहा की अंकल ने फोन किया था अभी और कहा है कि वो ओवरटाइम पर हैं। मैं खुश हो गया। फिर वो लड़की चली गयी। मैने आंटी से पूछा कि ये लड़की कौन है तो उन्होने कहा कि मकान मालिक की बेटी है। मैं आंटी को मुस्कुराते हुए देखा और कहा आंटी मुझे इसे चोदना है। तुम कुछ करो न प्लीज़। आंटी बोली नहीं नहीं मैं कुछ नहीं कर सकती। इतना सुनते ही मैने आंटी को बेड पर पटक दिया और उसकी चूचियों को ब्रा से निकाल कर चूसने लगा और कहा बोलो अब उसे मुझसे चुदवाने के लिये तैयार करोगी या नहीं। आंटी हंसते हुए बोली, अच्छा बाबा मैं उसे तुम्हारे लिये तैयार करती हूं। मैने कहा ये हुई न बात और फिर आंटी के सारे कपड़े उतार कर फिर से उसकी चुदाई करने के लिये उसे गरम करने लगा। दिन के उजाले मैं उसकी खूबसूरती बिल्कुल साफ़ साफ़ दिख रही थी। उसकी नंगे जिस्म को देकते ही मेरा लंड लुंगी से बाहर आने को बेताब होने लगा। मैने अपनी लुंगी निकाली और आंटी की ऐसी चुदाई की कि वो मेरी दिवानी बन गयी। |
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#6
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read my story bhabhi ki burr "hindi" font
http://www.exbii.com/member.php?u=1795485 |
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REPLY AAP KO KAISE LAGI MERI YE STORY
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Posts 4 aur 5 ke beech mein kuch chut gayaa hai ....
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#9
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पड़ोसन की चुदाई
मेरा नाम Sanjay है। और मैं दिल्ली का रहने वाला हूं। मेरी उमर १९ साल है।मैं पढ़ता हूं और मुझे लड़कियों को पटाने में बहुत मजा आता है। मैने लड़कियों को पटाना १५ साल की उमर से शुरु किया था और मुझे लड़कियों के साथ सेक्स करने में बहुत मजा आता है। ये मेरी पहली कहानी है। जब मैं 12 वी मे था तो हमारे क्लास में एक लड़की पढ़ती थी उसका नाम रथिका था हाल फ़िलहाल वो कनाडा में है लेकिन जब वो यहां पर थी तब मैं और मेरे क्लास मेट सब उस पर लाइन मारते थे लेकिन वो किसी को भाव नहीं देती थी लेकिन हम फिर भी उसको कन्विंस करने की कोशिश करते थे। लेकिन मुझे एक फायदा था कि वो मेरी पड़ोसी थी जिससे मैं उसके घर जा कर कभी-कभी उससे बात करने की कोशिश करता था किसी ना किसी बहाने से एक दिन वो कंप्यूटर पर गेम खेल रही थी शायद पूल गेम खेल रही थी अचानक मैं उसके रूम में पहुंचा था और उसे फीछे से डरा दिया। वो घबरा गई और चीख पड़ी उसके बाद उसने मुझे बेड पर धक्का दिया और मैं बेड पर गिर गया अब उसने पूछा कि क्यों डराया मुझे, मैं हंसने लगा उसके बाद उसने पूछा क्या हुआ मैने जवाब नहीं दिया। अगले दिन मैने उसे हिम्मत करके फोन किया आज मैने मन बना लिया था कि आज उसे परपोज करना है फिर मैने उसे फोन किया २-३ बार फोन करने के बाद में उसे कह नहीं पाया। फिर मैने पूरा दम लगाकर उसे फोन किया और उसे मैने बोल दिया रथी आई लाइक यु फिर उसके बाद उसने कुछ जवाब नहीं दिया उसके बाद वो मैने उससे पूछा क्या हुआ उसने जवाब नहीं दिया फोन रख दिया उसके बाद अगले दिन स्कूल में आई मैं उसके सामने नहीं जा पाया उसके बाद फ्री पीरियड में सब बाहर चले गये थे फिर वो क्लास रूम में आई और उसने अपनी एक दोस्त जिसका नाम सोनल है उसने उससे बोला उसे क्लास रूम में बुलाओ तब मुझे डर लग रहा था फिर भी में गया फिर उसने पूछा क्या हुआ कल शाम को मुझे परपोज किया था तुमने। मैने कहा किया तो था लेकिन लगता है तुम्हे अच्छा नहीं लगा इसलिये मैने तुमसे पूछा नहीं दुबारा फिर उसने बोला ओके मैं तुम्हारे परपोज को स्वीकार करती हूं |
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#10
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फिर तो मैं खुश हो गया उसके बाद उस शाम को उसके घर पर गया और उसके रूम में गया और उससे पूछा में आई किस यु? उसने कहा नो ! लेकिन उसके बातों से लग रहा था वो यस बोल रही है। उसके बाद मैने उससे बोला -आई वांट अ किस नाउ उसने कहा ओके तब मैं उसे किस किया और उसके बूब्स प्रेस करने लगा वो बोली अभी नहीं मैं बोला बस एक बार तो वो बोली बस एक बार. तब मैने उसके बूब्स को ज़ोर से दबाया मुझे उसके निप्पल फ़ील हो रहे थे उसके बूब्स प्रेस करने में मुझे मजा आ रहा था उसके बाद उसे बेड पर बैठा दिया लेकिन उसके परेंट्स घर पर थे सो मैने कुछ किया नहीं
उसके बाद अगले दिन संडे था हमने मूवी देखने का प्लान बनाया फिर मूवी देखने हम गये वहां पर मैं उसके बूब्स को छू रहा था।फिर शाम को गार्डन गये रात होने लगी थी गार्डन में बहुत से जोड़े थे हम भी एक जगह पर बैठ गये और उसे किस किया फिर अंधेरा होने के कारण कोई देख नहीं रहा था मैने उसका टोप खोल दिया और किस किया और जीन्स का ज़िप खोल कर अंदर उंगली कर रहा था फिर वो सिसकी ले रही थी मैने जींस खोला और उसकी पैंटी को उतार दिया उसके बाद मैने अपना जींस खोला मैने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया शायद उसे दर्द होने लगा था इसलिये बोलने लगी अभी नहीं लेकिन मैं नहीं माना और उसके चूत में उंगली डाली और किस कर रहा था और फिर उसकी चूत में मैने अपना लंड डाल दिया उसके आंसू आ गये। फिर क्या था बस मैने उसे उसके घर तक छोड़ दिया और मैं अपने घर पर चला गया और नहा धो कर बस मैं उसके सपने देखने लगा और मैने उसे फिर फोन में बात करके उसे फिरसे बुलाया इसबार और कहीं नहीं मेरे घर में मैने बुलाया था क्योंकि मेरे घर में कोई भी नहीं था सब लोग बाहर घूमने जाने वाले थे। अब दोस्तो मुझे दीजिये इजाजत। मैं ये रथिका की अधूरी कहानी आप को अगले भाग में सुनाउंगा। |