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Nice commercial hindi
I need love, To soothe my heart, I need hate, To know we're apart I need care, To feel Important, Want you to stare, At me constant I need carelessness, To experience exclusion, I know you'll always, Remain an illusion I need trust, To feel together, We'll be first, To know each other I need mistrust, To experience betrayal, This will teach me, To cope with all in real I need you, To experience all this, And having you, Will make my soul, Rest in peace. ![]() ![]() ![]() ![]() ![]() ![]() |
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#32
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सगे भाई ने की जम कर चुदाई-१
मेरा नाम रूबी है। मैं मुम्बई में नौकरी करती हूं। मैं और मेरा भाई राहुल दोनों जुड़वां हैं. मैं बचपन से ही पढने में तेज थी तो इस वजह से घर में मेरे भाई को हमेशा डांट पड़ती थी कि देख तेरी बहन कितनी तेज है और तू नालायक ... मैं मुंबई में अकेली रहती थी एक बी एच के हाउस में मलाड में, एक साल बाद मेरे भाई का भी मुंबई में जॉब लग गया ..मम्मी पापा ने उसे मेरे पास ही रहने को कहा, हम दोनों साथ रहते थे मगर हमारे अंदर कोई ग़लत फीलिंग नहीं थी ... मैं कभी कभी जब ज्यादा चुदाने के लिए भूखी हो जाती थी तो शायद होश नहीं रहते थे और भाई का अंडरवियर लेकर उसे अपने चूत में ऊँगली से डालती थी .... मुझे पता नहीं था कि मेरा भाई मेरे बारे में क्या सोचता है। कुछ दिनों बाद मैंने नोटिस किया कि मेरी ब्रा और पैंटी कभी भी मेरे रखे हुई जगह पे नहीं मिलती थी और उन पे सिलवटें भी बहुत होती थी. मुझे शक हो गया था कि मेरा भाई भी मेरी ब्रा पैंटी प्रयोग करता है मुठ मारने के लिए ..... फ़िर भी हम चुप रहते ...अब असली कहानी .... मैं अपने बॉस से पहले चुदवा चुकी थी और वही था मेरे एक साल में दो प्रमोशन का राज ... मेरे बॉस की उमर ४० की थी और उसका बॉस ५० का था ... मैं २६ की थी ... क्यूँकि अभी मेरा भाई मेरे घर पे रहता था तो बॉस को बहुत दिनों से मौका नहीं मिला था मुझे चोदने का .. तो वो मुझसे काफी नाराज रहता था और मुझे कभी कभी डांटता भी था ऑफिस में .... मेरा भाई अपने दफ्तर के काम से पुणे जा रहा था दो दिन के लिए .. मौके का फायदा उठाते हुए मैंने अपने बॉस को कहा कि आज रूबी आपकी है, मेरा भाई दोपहर को ही घर से निकलने वाला था, मैं शाम को जब घर आई तो मुझे लगा मेरा भाई जा चुका है .. मैंने अपने बॉस को फ़ोन लगाया और बातें करने लगी ... मेरा भाई उस वक्त बाथरूम में था .. उसे मेरे बॉस की आवाज़ तो नहीं पर मेरी आवाज़ साफ साफ सुने दे रही थी ... मैंने अपने बॉस से कहा .. आज रूबी को चुदवाना है अपने डार्लिंग से.. रूबी की चूत बहुत दिनों से प्यासी है...मैं थक गई हूं अपने भाई का अंडरवीयर अपनी चूत में डाल डाल कर.. मुझे लण्ड चाहिए प्लीज़ जल्दी से आ जाओ और मुझे जम कर चोदो... उधर मेरा भाई मेरी बातें सुनकर गरम हो गया था.. वो नहा कर बाहर निकला तो उसका लण्ड तन कर खड़ा था टॉवेल के ऊपर से ही दिख रहा था ... मैं समझ गई कि इसने सब सुन लिया फ़िर भी नाटक कर के बोली- तुम गए नही अब तक ... तो उसने कहा नही मेरे पेट में दर्द है, मैंने कहा कुछ दवा ले लो, उसने कहा नही मम्मी ने जो तेल दिया है उस से मालिश कर के सो जाऊँगा ... फ़िर मैं समझ गई कि आज भी मेरी चूत भूखी रह जायेगी क्यूँकि मेरा भाई नहीं जाने वाला ... मेरा भाई नाटक कर रहा था .. उसके दिमाग में सिर्फ़ मेरी बातें घूम रही थी ... वो भी अपनी प्यास मेरी चूत से मिटाना चाह रहा था ... उसने मुझसे कहा , रूबी प्लीज़ इस तेल से मेरे पेट पर मालिश कर दो ना ... मैंने कहा ठीक है .. वो अपना बनियान उतर कर बेड पर लेट गया .. मैंने उस वक्त बस नाईटी पहनी थी मैंने ना ही पैंटी ना ब्रा पहनी थी क्यूँ कि मुझे लगा था थोडी ही देर में मेरे बॉस आयेंगे और मुझे सब उतरना पड़ेगा ... मैं उसके पेट पे तेल मालिश कर रही थी, उसके नाभि के नीचे बहुत सरे बाल थे जो जैसे जैसे नीचे जाते थे और ज्यादा थे ... मेरे थोड़ी देर मालिश करने पे वो बहुत गरम हो चुका था क्यूँकि उसके पायजामे के ऊपर से उसका तना हुआ लंड दिखाई देने लगा था फ़िर भी मैं चुप चाप मालिश करती रही ... थोडी देर बाद उसने कहा पायजामा थोड़ा नीचे सरका कर थोड़ा नीचे तक मालिश करो न ... मैंने वैसा ही किया ... अब मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था ... मैं भी सोच रही थी कि कब अपनी प्यास मिटाऊँ अपने सगे भाई के लंड से ... इतने में वो बोल पड़ा हाथ अंदर डाल न ... मैंने कहा कहाँ अंदर .. उसने कहा पायजामे के अंदर .. मैंने मना कर दिया .. . मन तो बहुत कर रहा था मगर वो मेरा भाई था इसलिए मैंने ना कह दिया ... उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और जबरदस्ती अपने लंड पे ले गया, मैंने एक झटके से उसका हाथ दूर कर दिया ...फ़िर वो बेड से उठ गया और मुझे जकड लिया और बोला सिर्फ़ अपने बॉस से चुदवाओगी .... कब तक तेरे ब्रा और पैंटी से मुठ मारता रहूँगा ... मेरे लंड ने क्या पाप किए हैं?.. मैं ये सब सुन कर दंग रह गई ... उसने कहा मैं किसी को कुछ नहीं कहूँगा .. बस तू वो कर जो मैं कहता हूँ ... फ़िर ..... ..... अगले भाग में पढिये ... कि कैसे पहले मेरे भाई ने फ़िर मेरे बॉस ने फ़िर मेरे बॉस के बॉस ने मुझे चोदा, उसके बाद मेरे भाई राहुल ने अपने बॉस से भी मुझे चुदवा कर अपना प्रमोशन लिया ! Last edited by rdnrdnrd : 19th January 2009 at 04:24 PM. |
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#34
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to be contd....
Last edited by rdnrdnrd : 19th January 2009 at 04:26 PM. |
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At last, when all the summer shine That warmed life's early hours is past, Your loving fingers seek for mine And hold them close-at last-at last! Not oft the robin comes to build Its nest upon the leafless bough By autumn robbed, by winter chilled,- But you, dear heart, you love me now. Though there are shadows on my brow And furrows on my cheek, in truth,- The marks where Time's remorseless plough Broke up the blooming sward of Youth,- Though fled is every girlish grace Might win or hold a lover's vow, Despite my sad and faded face, And darkened heart, you love me now! I count no more my wasted tears; They left no echo of their fall; I mourn no more my lonesome years; This blessed hour atones for all. I fear not all that Time or Fate May bring to burden heart or brow,- Strong in the love that came so late, Our souls shall keep it always now! ![]() ![]() ![]() ![]() ![]() ![]() |
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#36
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Join Date: 14th July 2008
Posts: 14,901 Rep Power: 25 Points: 14433 + 25 Added. Repped. |
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Nice stories.pl continue.thnx
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update soon........... keep in touch.............
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update soon........... keep in touch.............
![]() Last edited by rdnrdnrd : 9th February 2009 at 04:34 PM. |
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#40
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भाभी के साथ पहला सेक्स
हेलो फ्रेंड्स, मेरी उम्र २३ साल है, यह कहानी तब की है ज़ब मैं १२ में पढता था, यही कोई १८ साल का। मेरा नाम मानव है। मेरी मोसी जी के लड़के की नई शादी हुई तो मम्मी ने उन्हें कुछ दिनों के लिए घर पर बुला लिया। हम बहुत खुश हुए क्योंकि नई भाभी जो आई है। वो बहुत सेक्सी थी २८ -२४ -३० एक दिन मैं और भाभी बात कर रहे थे तो मेरा हाथ उनके पेट पर चला गया उन्होंने कुछ नहीं कहा। मेरे को अजीब से करंट लगा पर मैं बात करता गया फिर वो अपने घर चली गई। वो भी मथुरा में रहती है। कुछ दिनों बाद मैं उनके घर गया और वीक में १ दिन ज़रूर जाता. मैं कभी फल कभी मिठाई ले कर ज़रूर जाता। ३-४ महीने बाद एक दिन घर पर कोई नहीं था भाभी अकेली थी मैं बहुत खुश हो गया. हम बात करने लगे बात करते करते भाभी मेरी जांघ पर अपना सर रख के लेट गई, बस मुझे लगा मेरे को चूत मिल गई. फिर कुछ देर बाद भाभी ने बोला कि मैं गेट कि चिटकनी लगा आऊं, दोपहर में मालूम नहीं पड़ता, और बोली कुछ देर सो जाओ. भाभी सो गई पर मेरे को क्या सोना था मैं भाभी को देख रहा था. मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी कि कुछ करूं, पर हिम्मत कर के मैंने उनके पेट पर हाथ रख दिया फिर धीरे धीरे उनके बूब्स पर। मेरे पूरे शरीर में कंपकपी आ रही थी। फिर मैंने दबाना शुरु किया, भाभी अचानक उठी और ज़ोर से बोली- मानव यह क्या कर रहे हो, चुपचाप सो जाओ, मै बुरी तरह डर गया फिर कुछ देर कुछ नहीं किया, फिर शुरु हो गया। अबकी बार भाभी ने कुछ नहीं कह। मैंने उनके होटों पर अपना होंट रख दिया और ज़ोर ज़ोर से किस करने लगा होंठ इतने प्यारे थे की कुछ और करने का मन ही नहीं कर रहा था. धीरे धीरे भाभी गरम होने लगी और मुझसे भी ज्यादा ज़ोर ज़ोर से होंठ चूस रही थी. फिर मैंने उनका बलाउज खोला और अन्दर से फडफडाते हुए वक्षों को ब्रा से आजाद कर दिया.कभी बूब्स दबाता तो कभी उन्हें पीता, फिर मैंने साड़ी को उतार दिया और वो बस चड्डी में रह गई थी, मैंने पहली बार चूत का दर्शन किया और अपने होटों से चाटने लगा जैसे कोई आइसक्रीम चाट रहा हो.फिर क्या था भाभी ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी, मैं तो चूत चाटने में मस्त था। चूत की पक्को भी कर लेता भाभी के चेहरे से लग रहा था कि भाभी को मुझसे ज्यादा आनंद आ रहा है, फिर अचानक उन्होंने मुझे हटा दिया और मेरे क्लोथ्स उतारने लगी। मेरा लंड को देख कर वो हैरान हो गई ६.४५ " लंबा लंड मानो उन्होंने पहली बार देखा हो, और लोलीपोप की तरह चूसने लगी मेरा मज़ा बहुत ज़ल्दी निकल आया और मैंने उनके माउथ में ही रसपान निकाल दिया। फिर थोडी देर बाद मैंने उनकी चूत में अपना लंड डाला और मेरी तो फट गई थी डालने में चूत इतनी टाइट थी कि लंड छिल गया था। हल्के हल्के मैं धक्के मार रहा था फिर अचानक भाभी ज़ोर ज़ोर से ऊपर उठने लगी, और मैंने कई स्टाइल से चूत मारी भाभी मुझसे पहले रस निकाल चुकी थी, मेरा भी निकल गया और भाभी के ऊपर ही लेट गया थोड़ी देर में मैं उठा और चुपचाप घर आ गया......अभी इस से भी बढिया एंड है इस कहानी का, वो मैं अगली बार बताऊंगा... जरा सोचो कि मैं चुपचाप क्यों चला गया और बाद में क्या किया होगा.... Last edited by rdnrdnrd : 9th February 2009 at 04:50 PM. |